मध्य-पूर्व में बढ़ती जंग का असर फ़लस्तीन बनने की उम्मीदों पर क्या पड़ेगा?

 

मध्य-पूर्व में बढ़ती जंग का असर फ़लस्तीन बनने की उम्मीदों पर क्या पड़ेगा?


इसराइल

इमेज स्रोत,GETTY IMAGES

इमेज कैप्शन,यह तस्वीर पिछले साल 12 अक्टूबर की है, जब इसराइल ने ग़ज़ा में बमबारी शुरू कर दी थी
जेरेमी बॉवेन
पदनाम,अंतरराष्ट्रीयसंपादक,बीबीसी न्यूज़
13अक्टूबर 2024
मध्य-पूर्वके करोड़ों लोग एक सुरक्षित और शांत ज़िंदगी जीने का ख़्वाब देखते हैं.

ऐसीज़िंदगी जिसमें न नाटकीयता हो और न ही मौत का ख़ौफ़.

पिछलेसाल का युद्ध आधुनिक दौर में इस क्षेत्र की सबसे ख़राब जंगों में से एक रहा है.

इसयुद्ध ने एक बार फिर दिखा दिया है कि अमन के ख़्वाब तब तक हक़ीक़त में तब्दील नहीं हो सकते, जब तक यहाँ की गहरी और चौड़ी सामरिक, मज़हबी और सियासी खाइयों को पाटा नहीं जाता.
एक बलाक़े की सियासत को अपने सांचे में ढाल णल णणल रहा है.

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